अंकोरवाट मंदिर: विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर

 अंकोरवाट मंदिर: विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर 

अंकोरवाट मंदिर : जब भी मन में सवाल आता है कि विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर  कहा होगा तो तो हमारा दिमाग स्वता ही जवाब दे देता है कि अवश्य ही भारत में ही होगा क्योंकि सबसे ज्यादा हिंदू आबादी हमारे भारत में ही है। यदि आपका भी यही जवाब है तो हम आपके इस गलतफहमी को दूर करते है और बताते है की विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर भारत में नहीं अपितु कंबोडिया में स्थित है। कंबोडिया जहा पर बौद्घ धर्म को मानने वाले 97% से अधिक है और हिन्दू लगभग मात्र  0.3%


Angkor wat temple Cambodia in hindi

Image source: facebook page

कंबोडिया स्थित अंकोरवाट मंदिर का इतिहास:


बौद्घ धर्म के विस्तार से यह हिंदू मंदिर अधिक दिनों तक  खुद की पहचान नहीं बनाए रख पाया और धीरे-धीरे बौद्ध मंदिर के रूप में परिवर्तित हो गया। अंकोरवाट अंगकोर वाट या फिर आङकोर वाट के नाम से प्रसिद्ध यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। 
कंबोडिया जो कभी एक हिंदू राष्ट्र हुआ करता था जिसका नाम संस्कृत के सब्द कंबुज से लिया गया है। इसका प्राचीन नाम कम्बुज ही था। उस समय कंबुज़ राज्य की राजधानी अंग्कोर थोम थी। प्राचीन अभिलेखों से ज्ञात होता है कि अंग्कोर थोम का अत्यंत प्राचीन नाम यशोधपुर था जिसे लगभग ९वी शताब्दी के आस पास बदल कर अंग्कोर कर दिया गया। 
कम्बुज के राजा सूर्यवर्मन ने सन 1112 ईसवी में इस वृहद मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया जिसकी रक्षा मंदिर के चारों तरफ से खुदी हुई खाई करती थी। कुछ वर्षों तक मंदिर का निर्माण राजा सूर्यवर्मन के देखरेख में ही चला उसके बाद उनके उत्तराधिकारी और भांजे राजा धरणीन्द्र वर्मन के शासनकाल 1153 में पूरा हुआ। मेकांग नदी के किनारे स्थित यह अंकोरवाट मंदिर आज भी विश्व का सबसे बड़ा मंदिर है जिसे गिनीज ऑफ वर्ल्ड बुक में भी दर्ज किया गया है। 
14वी शताब्दी के आस पास यह बौद्घ भिक्षुओं का आना जाना बहुत अधिक ही गया। और इस पर बौद्घ धर्म का अधिपत्य होता चला गया।
Angkorwat temple Cambodia sunset view


अंकोरवाट मंदिर की विशेषता:

मेकांग नदी के किनारे स्थित इस प्राचीन अंकोरवाट मंदिर को सन 1992 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर में शामिल किया है। टाइम्स की सूची में यह विश्व के 5 सबसे आश्चर्यजनक स्थानों में से एक है। 
स्टेप पिरामिड के आकार में बना यह मंदिर ना शिखरो वाला है जिसमें से मुख्य शिखर 64 मीटर ऊंचा तथा अन्य 8 शिखर 54 मीटर ऊंचे हैं। 402 एकड़ में बना यह मंदिर 3.5 किलोमीटर से अधिक की पत्थर की दीवारों से घिरा हुआ है। जिसके बाद 30 मीटर का खाली स्थान और फिर 190 मीटर चौड़ी खाई। जिसे सुरक्षा के लिए बनाया गया था। यह मंदिर मेरी पर्वत का प्रतीक है।
मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इस मंदिर को कंबोडिया की राष्ट्रीय ध्वज में स्थान दिया गया है जिससे इस मंदिर की स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्ता को और बढ़ावा मिलता है।
मंदिर की दीवारों की सुंदरता और अनुपम छटा देखते ही बनती है क्योंकि मंदिर की दीवारों पर रामायण महाभारत और समुद्र मंथन जैसे कई दृश्य उकेरे गए हैं जिसे देखकर एक सुखद अनुभूति होती है। 
मंदिर की लगभग हर दीवार पर स्वर्ग की अप्सराओ  और कमल के पुष्प, हाथी आदि चित्र उपेरे गए हैं मुख्य मंदिर की दीवार पर भगवान राम का बाल रूप दर्शाया गया है।

एक शिलाखंड में भगवान राम स्वर्ण मृग के पीछे धनुष बान लिए जाते दिख रहे है । इसके उपरांत के सिला में राम और सुग्रीव की मित्रता को दर्शाया गया है फिर अगला शिला खंड हनुमान जी की उपस्थिति को दर्शाता है। सीता की अग्निपरीक्षा, राम की अयोध्या वापसी का भी बहुत अच्छा चित्रण किया गया है जिसे देखकर मन मंत्रमुग्ध हो जाता है। 
Angkor wat temple Cambodia vishnu statue


निष्कर्ष (conclusion) :

 दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक और हिन्दू भगवान विष्णु को समर्पित अंकोरवाट का यह मंदिर भले ही आज बौद्घ धर्म के प्रभाव में हो लेकिन अपनी ऐतिहासिकता और धार्मिक मान्यताओं वाला यह मंदिर सदैव हिन्दू धर्म के राजाओं के गौरवशाली इतिहास को दर्शाता रहेगा। 
हमारी स्थापत्य कला और संस्कृति को दर्शाता यह मंदिर भले ही कंबोडिया में स्थित है परन्तु आज भी सभी सनातनियों की उत्सुकता का केंद्र है। 

हमने यह जानकारी आप तक पहुंचा दी अब आपकी यह जिम्मेदारी है कि इसे कैसे अन्य सभी हिन्दुओं तक पहुंचना है। अगर आपको इस मंदिर के बारे में जानकर खुद के धर्म पर और देश पर गर्व हुआ हो तो इसे जरूर शेयर करे।
धन्यवाद ।

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